शास्त्रों के अनुसार सृष्टि की आयु और मन्वन्तर
शास्त्रों के अनुसार सृष्टि की कुल आयु = 4,294,080,000 वर्ष मानी गई है।
इस सम्पूर्ण काल को 14 मन्वन्तरों में विभाजित किया गया है।
वर्तमान में 7वाँ मन्वन्तर – वैवस्वत मनु चल रहा है।
इससे पूर्व 6 मन्वन्तर बीत चुके हैं –
- स्वायम्भव
- स्वारोचिष
- औत्तमि
- तामस
- रैवत
- चाक्षुष
आगे सावर्णि आदि 7 मन्वन्तर भविष्य में आएँगे।
मन्वन्तर और युगों की गणना
1 मन्वन्तर = 71 चतुर्युगी
1 चतुर्युगी = चार युग
- सतयुग
- त्रेतायुग
- द्वापरयुग
- कलियुग
चारों युगों की आयु
- सतयुग = 17,28,000 वर्ष
- त्रेतायुग = 12,96,000 वर्ष
- द्वापरयुग = 8,64,000 वर्ष
- कलियुग = 4,32,000 वर्ष
➡️ एक चतुर्युगी की कुल आयु
17,28,000 + 12,96,000 + 8,64,000 + 4,32,000
= 43,20,000 वर्ष
मन्वन्तर की कुल आयु
1 मन्वन्तर = 71 × 43,20,000
= 30,67,20,000 वर्ष
अब तक 6 मन्वन्तर पूर्ण हो चुके हैं, अतः—
6 मन्वन्तरों की कुल आयु
= 6 × 30,67,20,000
= 1,84,03,20,000 वर्ष
वर्तमान स्थिति
वर्तमान में 7वें मन्वन्तर (वैवस्वत मनु) के अंतर्गत
28वीं चतुर्युगी चल रही है।
इस 28वीं चतुर्युगी में —
✔️ सतयुग बीत चुका है
✔️ त्रेतायुग बीत चुका है
✔️ द्वापरयुग बीत चुका है
और अब
➡️ कलियुग का 5119वाँ वर्ष चल रहा है
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