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मंगलवार, 16 जनवरी 2018

शास्त्रों के अनुसार सृष्टि की आयु और मन्वन्तर



शास्त्रों के अनुसार सृष्टि की आयु और मन्वन्तर

शास्त्रों के अनुसार सृष्टि की कुल आयु = 4,294,080,000 वर्ष मानी गई है।
इस सम्पूर्ण काल को 14 मन्वन्तरों में विभाजित किया गया है।

वर्तमान में 7वाँ मन्वन्तर – वैवस्वत मनु चल रहा है।

इससे पूर्व 6 मन्वन्तर बीत चुके हैं –

  1. स्वायम्भव
  2. स्वारोचिष
  3. औत्तमि
  4. तामस
  5. रैवत
  6. चाक्षुष

आगे सावर्णि आदि 7 मन्वन्तर भविष्य में आएँगे।


मन्वन्तर और युगों की गणना

1 मन्वन्तर = 71 चतुर्युगी

1 चतुर्युगी = चार युग

  • सतयुग
  • त्रेतायुग
  • द्वापरयुग
  • कलियुग

चारों युगों की आयु

  • सतयुग = 17,28,000 वर्ष
  • त्रेतायुग = 12,96,000 वर्ष
  • द्वापरयुग = 8,64,000 वर्ष
  • कलियुग = 4,32,000 वर्ष

➡️ एक चतुर्युगी की कुल आयु
17,28,000 + 12,96,000 + 8,64,000 + 4,32,000
= 43,20,000 वर्ष


मन्वन्तर की कुल आयु

1 मन्वन्तर = 71 × 43,20,000
= 30,67,20,000 वर्ष

अब तक 6 मन्वन्तर पूर्ण हो चुके हैं, अतः—

6 मन्वन्तरों की कुल आयु
= 6 × 30,67,20,000
= 1,84,03,20,000 वर्ष


वर्तमान स्थिति

वर्तमान में 7वें मन्वन्तर (वैवस्वत मनु) के अंतर्गत
28वीं चतुर्युगी चल रही है।

इस 28वीं चतुर्युगी में —
✔️ सतयुग बीत चुका है
✔️ त्रेतायुग बीत चुका है
✔️ द्वापरयुग बीत चुका है

और अब
➡️ कलियुग का 5119वाँ वर्ष चल रहा है


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Dr. Bhargu Astrologer
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