श्रीराम का वंश – ब्रह्मा से लेकर प्रभु श्रीराम तक
📞 Contact / WhatsApp: 9920255211
1️⃣ ब्रह्मा जी से मरीचि उत्पन्न हुए।
2️⃣ मरीचि के पुत्र कश्यप हुए।
3️⃣ कश्यप के पुत्र विवस्वान (सूर्य) हुए।
4️⃣ विवस्वान के पुत्र वैवस्वत मनु हुए, जिनके समय जल प्रलय हुआ था।
5️⃣ वैवस्वत मनु के दस पुत्रों में एक इक्ष्वाकु थे। इक्ष्वाकु ने अयोध्या को राजधानी बनाकर इक्ष्वाकु वंश की स्थापना की।
6️⃣ इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए।
7️⃣ कुक्षि के पुत्र विकुक्षि हुए।
8️⃣ विकुक्षि के पुत्र बाण हुए।
9️⃣ बाण के पुत्र अनरण्य हुए।
🔟 अनरण्य से पृथु हुए।
1️⃣1️⃣ पृथु से त्रिशंकु उत्पन्न हुए।
1️⃣2️⃣ त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए।
1️⃣3️⃣ धुंधुमार के पुत्र युवनाश्व हुए।
1️⃣4️⃣ युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए।
1️⃣5️⃣ मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ।
1️⃣6️⃣ सुसन्धि के दो पुत्र हुए – ध्रुवसन्धि और प्रसेनजित।
1️⃣7️⃣ ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए।
1️⃣8️⃣ भरत के पुत्र असित हुए।
1️⃣9️⃣ असित के पुत्र सगर हुए।
2️⃣0️⃣ सगर के पुत्र असमंज हुए।
2️⃣1️⃣ असमंज के पुत्र अंशुमान हुए।
2️⃣2️⃣ अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए।
2️⃣3️⃣ दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए, जिन्होंने गंगा को पृथ्वी पर उतारा।
2️⃣4️⃣ भगीरथ के पुत्र ककुत्स्थ हुए।
2️⃣5️⃣ ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए। उनके पराक्रम से वंश का नाम रघुवंश पड़ा।
2️⃣6️⃣ रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए।
2️⃣7️⃣ प्रवृद्ध के पुत्र शंखण हुए।
2️⃣8️⃣ शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए।
2️⃣9️⃣ सुदर्शन के पुत्र अग्निवर्ण हुए।
3️⃣0️⃣ अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए।
3️⃣1️⃣ शीघ्रग के पुत्र मरु हुए।
3️⃣2️⃣ मरु के पुत्र प्रशुश्रुक हुए।
3️⃣3️⃣ प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए।
3️⃣4️⃣ अम्बरीष के पुत्र नहुष हुए।
3️⃣5️⃣ नहुष के पुत्र ययाति हुए।
3️⃣6️⃣ ययाति के पुत्र नाभाग हुए।
3️⃣7️⃣ नाभाग के पुत्र अज हुए।
3️⃣8️⃣ अज के पुत्र दशरथ हुए।
3️⃣9️⃣ दशरथ के चार पुत्र हुए – राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न।
➡️ इस प्रकार ब्रह्मा जी की 39वीं पीढ़ी में प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ।
रामचरितमानस के कुछ रोचक तथ्य
1️⃣ मानस में “राम” शब्द – 1443 बार
2️⃣ “सीता” – 147 बार
3️⃣ “जानकी” – 69 बार
4️⃣ “वैदेही” – 51 बार
5️⃣ “बड़भागी” – 58 बार
6️⃣ “कोटि” – 125 बार
7️⃣ “एक बार” – 18 बार
8️⃣ “मंदिर” – 35 बार
9️⃣ “मरम” – 40 बार
🔟 राम जी लंका में – 111 दिन रहे
1️⃣1️⃣ सीता जी लंका में – 435 दिन रहीं
1️⃣2️⃣ मानस में श्लोक – 27
1️⃣3️⃣ चौपाई – 4608
1️⃣4️⃣ दोहा – 1074
1️⃣5️⃣ सोरठा – 207
1️⃣6️⃣ छंद – 86
1️⃣7️⃣ सुग्रीव का बल – 10,000 हाथियों के समान
1️⃣8️⃣ सीता जी का राज्याभिषेक – 33 वर्ष की आयु में
1️⃣9️⃣ तुलसीदास जी की आयु – 77 वर्ष (मानस रचना के समय)
2️⃣0️⃣ पुष्पक विमान की गति – 400 मील/घंटा
2️⃣1️⃣ राम–रावण युद्ध – 32 दिन
2️⃣2️⃣ सम्पूर्ण युद्ध – 87 दिन
2️⃣3️⃣ रामसेतु निर्माण – 5 दिन में
2️⃣4️⃣ नल–नील के पिता – विश्वकर्मा जी
2️⃣5️⃣ त्रिजटा के पिता – विभीषण
2️⃣6️⃣ विश्वामित्र राम को ले गए – 10 दिन के लिए
2️⃣7️⃣ राम ने पहला वध – 6 वर्ष की आयु में
2️⃣8️⃣ रावण को पुनर्जीवित किया – सुखेन वैद्य ने नाभि में अमृत रखकर
संदेश
यह केवल इतिहास नहीं,
हमारे धर्म, संस्कृति और चेतना का आधार है।
हर सनातनी को यह ज्ञान अवश्य जानना चाहिए।
जय श्रीराम 🚩 जय श्रीराम 🚩
आध्यात्मिक मार्गदर्शन: Dr. Bhargu Astrologer
📞 Contact / WhatsApp: 9920255211
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें