मंगल दोष क्या होता है और कैसे बनता है?
मंगल दोष, मंगल ग्रह की कुंडली में स्थिति के कारण बनता है। जैसा कि आप जानते हैं, मंगल ग्रह जातक के स्वभाव, ऊर्जा, धन और वैवाहिक जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है।
जब किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह
प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित होता है, तो उसे मंगल दोष (मांगलिक दोष) कहा जाता है। ऐसे जातक मांगलिक कहलाते हैं।
मांगलिक व्यक्ति सामान्यतः ऊर्जावान, स्वाभिमानी और तीव्र स्वभाव के होते हैं, लेकिन मंगल दोष के कारण उनके वैवाहिक जीवन में परेशानियाँ आने की संभावना रहती है।
मंगल दोष को कुज दोष, भौम दोष और अंगारक दोष भी कहा जाता है।
मंगल दोष के लक्षण – अच्छे और बुरे प्रभाव
मंगल दोष से ग्रसित स्त्री या पुरुष के वैवाहिक जीवन में प्रायः:
- आपसी झगड़े और कलह
- विवाह में देरी
- रिश्ता तय होकर टूट जाना
- विवाह के समय अचानक विघ्न
- गंभीर स्थिति में तलाक की संभावना
यदि मांगलिक व्यक्ति का विवाह गैर-मांगलिक से हो जाए, तो शास्त्रों के अनुसार जीवनसाथी को गंभीर कष्ट या स्वास्थ्य समस्या होने की आशंका मानी जाती है।
भाव अनुसार मंगल दोष के प्रभाव
🔴 प्रथम भाव (लग्न)
जातक गुस्सैल, कठोर स्वभाव का होता है और स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।
🔴 चतुर्थ भाव
जीवन में सुख तो रहता है, लेकिन धन की कमी बनी रहती है।
🔴 सप्तम भाव
व्यक्ति झगड़ालू, अहंकारी और कभी-कभी आपराधिक प्रवृत्ति का हो सकता है। वैवाहिक जीवन प्रभावित होता है।
🔴 अष्टम भाव
आयु लंबी होती है, पर मानसिक और शारीरिक कष्ट संभव हैं।
🔴 द्वादश भाव
व्यक्ति आलसी, मानसिक तनावग्रस्त और दुखी प्रवृत्ति का हो सकता है।
मंगल दोष के प्रकार
🔹 निम्न मांगलिक दोष
जब मंगल प्रथम, चतुर्थ या द्वादश भाव में हो।
🔹 उच्च मंगल दोष
जब मंगल सप्तम या अष्टम भाव में स्थित हो।
यह दोष अधिक प्रभावशाली माना जाता है।
मंगल दोष दूर करने के उपाय
✔️ मांगलिक स्त्री-पुरुष का विवाह आपस में करने से मंगल दोष स्वतः शांत हो जाता है।
✔️ प्रत्येक मंगलवार हनुमान जी का व्रत रखें।
✔️ मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।
✔️ यदि जन्म मंगलवार को हुआ हो, तो मंगल दोष का प्रभाव कम हो जाता है।
✔️ 28 वर्ष के बाद मंगल दोष का प्रभाव सामान्यतः कम हो जाता है।
✔️ यदि मंगल अष्टम भाव में हो, तो 36 वर्ष के बाद विवाह शुभ माना जाता है।
✔️ मंगल दोष शांति हेतु मंगल कवच, मंगल उपासना और विशेष पूजा कराई जा सकती है।
कुंभ विवाह (घट विवाह)
मंगल दोष निवारण का एक प्रसिद्ध उपाय कुंभ विवाह है, जिसमें:
- कन्या का विवाह पीपल के पेड़, केले के पेड़, विष्णु प्रतिमा या मिट्टी के घड़े से कराया जाता है।
- घट विवाह में घड़े को बाद में तोड़ दिया जाता है, जिससे मंगल दोष समाप्त माना जाता है।
- इसके बाद कन्या सामान्य पुरुष से विवाह कर सकती है।
🔔 मान्यता है कि ऐश्वर्या राय बच्चन ने भी विवाह से पूर्व कुंभ विवाह कराया था।
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