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गुरुवार, 4 जनवरी 2018

गजकेसरी योग कैसे बनता है?



गजकेसरी योग कैसे बनता है?

जन्मकुंडली में जब गुरु (बृहस्पति) और चंद्रमा एक-दूसरे से केन्द्र स्थान (1, 4, 7, 10) में स्थित होते हैं, तब गजकेसरी योग का निर्माण होता है।
यह ज्योतिष के अत्यंत श्रेष्ठ और शक्तिशाली योगों में से एक माना गया है।

गजकेसरी योग से युक्त जातक सामान्यतः —

  • शत्रुहंता
  • वाकपटु
  • राजसी सुखों से युक्त
  • दीर्घायु
  • कुशाग्र बुद्धि वाला
  • तेजस्वी एवं यशस्वी

होता है।


गजकेसरी योग का महत्व

ज्योतिष शास्त्र में शुभ योगों में गजकेसरी योग को विशेष स्थान प्राप्त है।
यह योग जिस जातक की कुंडली में होता है, उसे जीवन में अभाव का अनुभव नहीं होने देता
धन, यश, प्रतिष्ठा और सम्मान स्वतः उसकी ओर आकर्षित होते हैं

जब गुरु और चंद्र पूर्ण कारक प्रभाव में हों, तब यह योग अत्यंत बलवान माना जाता है।
यदि लग्न कर्क, धनु, मीन, मेष या वृश्चिक हो, तो योग की शुभता और बढ़ जाती है।


गजकेसरी योग बनने की प्रमुख स्थितियाँ

  • चंद्रमा से केन्द्र (1, 4, 7, 10) में गुरु हों
  • गुरु और चंद्र की युति हो
  • दोनों ग्रह शुभ भावों में हों
  • गुरु नीच, अस्त या शत्रु राशि में न हो
  • चंद्र केमद्रुम योग से मुक्त हो

महर्षि पराशर के अनुसार, यदि चंद्र से केन्द्र में बुध या शुक्र भी हों और शुभ दृष्टि हो, तो योग की शुभता बढ़ती है।


गजकेसरी योग के फल

गजकेसरी योग का अर्थ है —
गज (हाथी) + केसरी (सिंह)

अर्थात व्यक्ति में —

  • हाथी जैसी बुद्धि और स्थिरता
  • सिंह जैसी शक्ति, साहस और नेतृत्व

का समावेश होता है।

इस योग से जातक —

  • उच्च पद
  • अपार धन
  • सामाजिक प्रतिष्ठा
  • भाषण एवं वाद-विवाद में निपुणता
  • प्रशासनिक या राजकीय सफलता

प्राप्त करता है।


व्यवसाय और करियर में प्रभाव

जब गजकेसरी योग चतुर्थ या दशम भाव में बनता है —

  • कार्यक्षेत्र में उच्च पद
  • अधिकार
  • नाम-यश
  • स्थायित्व

प्राप्त होता है।

यदि चंद्र निर्बल या केमद्रुम योग में हो, तो योग के फल घट जाते हैं।


राशि अनुसार गजकेसरी योग के फल (संक्षेप में)

  • मेष – साहस, तर्कशक्ति, नेतृत्व
  • वृषभ – दयालु, समाजसेवी, समृद्ध
  • मिथुन – वैज्ञानिक सोच, धन वृद्धि
  • कर्क – विद्वान, धार्मिक, यशस्वी
  • सिंह – शत्रुनाशक, राजसी प्रवृत्ति
  • कन्या – चतुर, बुद्धिमान, यश
  • तुला – विद्वान, कला-प्रेमी
  • वृश्चिक – दृढ़ निश्चय, धार्मिक
  • धनु – आध्यात्मिक, ज्ञानी
  • मकर – मध्यम फल
  • कुंभ – फल में कमी
  • मीन – धन, सम्मान, धार्मिक ग्रंथों में रुचि

गजकेसरी योग का पूर्ण फल कब मिलता है?

  • गुरु या चंद्र की महादशा / अंतरदशा में
  • ग्रह उच्च, मूलत्रिकोण या मित्र राशि में हों
  • पाप ग्रहों से पीड़ित न हों

प्रसिद्ध व्यक्तित्व जिनकी कुंडली में गजकेसरी योग था

  • महात्मा गांधी
  • जॉन एफ. कैनेडी
  • बिल क्लिंटन
  • अक्षय कुमार
  • रणवीर कपूर
  • राहुल द्रविड़

महत्वपूर्ण सावधानियाँ

  • गुरु वक्री या नीच न हो
  • चंद्र गंडांत या केमद्रुम में न हो
  • शकट योग के साथ गजकेसरी योग कमजोर पड़ता है

निष्कर्ष

गजकेसरी योग एक श्रेष्ठ धन-राजयोग है,
परंतु इसका पूर्ण फल ग्रहों की स्थिति, दशा और दृष्टि पर निर्भर करता है।


आध्यात्मिक एवं ज्योतिषीय मार्गदर्शन हेतु संपर्क करें

Dr. Bhargu Astrologer
📞 Contact / WhatsApp: 9920255211



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