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मंगलवार, 2 जनवरी 2018

सौतन से छुटकारा : शास्त्रीय दृष्टिकोण



सौतन से छुटकारा : शास्त्रीय दृष्टिकोण

सौतन से छुटकारा को भले ही बीते जमाने में पति की दूसरी पत्नी के तौर पर सामाजिक मान्यता मिली हुई हो, लेकिन आज दुनिया के किसी भी कोने में इसे अनैतिक समझा जाता है। सौतन किसी पत्नी का सुख-चैन छिनने वाली होती है। इसलिए कोई भी स्त्री कभी नहीं चाहेगी कि उसका पति सौतन यानी पराई स्त्री के साथ प्रेम-संबंध कायम करे।

इसी कारण पत्नी पति पर तरह-तरह के भावनात्मक और वैवाहिक अंकुश बनाती है तथा रिश्ते की मर्यादा बनाए रखने का प्रयास करती है।

पर-स्त्री गमन के आदि हो चुके पति को सही मार्ग पर लाने के लिए तांत्रिक, वैदिक, ज्योतिषीय एवं टोटके के उपाय विभिन्न ग्रंथों में बताए गए हैं। यदि इन्हें समय रहते ईश्वर के प्रति आस्था और विश्वास के साथ किया जाए, तो सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं और सौतन से मुक्ति संभव होती है।

यहाँ यह समझना आवश्यक है कि सौतन से छुटकारा पाने का अर्थ पति को अपने वश में करना है, न कि किसी स्त्री को नुकसान पहुँचाना।
अर्थात उपाय ऐसे हों कि “साँप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे।”


प्रेम में कमी

पति का दूसरी स्त्री की ओर आकर्षित होना, सामान्यतः पत्नी के प्रति प्रेम में कमी का संकेत होता है। ऐसे में पत्नी को सबसे पहले अपने सौंदर्य, भावनात्मक लगाव और व्यवहार से पति को पुनः आकर्षित करना चाहिए।

उपाय 1:
भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण कर शुक्रवार को तीन इलायची अपने शरीर से स्पर्श कर वस्त्र में छिपाकर रखें —

  • साड़ी में अंचल के कोने में
  • सलवार-सूट में दुपट्टे के कोर में
  • जींस-टीशर्ट में रूमाल के कोने में

अगले दिन शनिवार सुबह उन्हीं इलायची को पीसकर किसी व्यंजन में मिलाकर पति को खिलाएँ।
ऐसा लगातार तीन शुक्रवार करने से पति का झुकाव पत्नी की ओर बढ़ता है और सौतन से दूरी बनने लगती है।


आकर्षण शक्ति

पति के मन-मस्तिष्क पर अपना प्रभाव बढ़ाने से भी पर-स्त्री के मोह से मुक्ति मिलती है।

उपाय 2:
एक-दो पके केले में गोरोचन मिलाकर लेप बनाएँ और सिर पर लगाएँ।
इससे आत्मविश्वास, आकर्षण शक्ति और पति से संवाद करने की क्षमता बढ़ती है।

तिलक हेतु नारियल, धतूरे के बीज और कपूर को पीसकर तिलक बनाएँ और पति के सामने लगाएँ। यह तिलक आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ प्रभावशाली माना गया है।


यौन क्षमता

पत्नी की शारीरिक एवं मानसिक ऊर्जा दांपत्य जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह की शांति आवश्यक मानी गई है।

कामदेव मंत्र:
“ॐ कामदेवाय विद्महे
रति प्रियायै धीमहि
तन्नो अनंग प्रचोदयात्।”

शाबर मंत्र:
“ॐ नमो भगवते कामदेवाय
यस्य यस्य दृश्यो भवामि
यस्य यस्य मम मुखं पश्यति
तं तं मोहयतु स्वाहा।”

शुक्र मंत्र:
“ॐ दां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः”

इन मंत्रों के नियमित जाप से दांपत्य आकर्षण में वृद्धि मानी जाती है।


गृह क्लेश निवारण

घर में अशांति का प्रमुख कारण अक्सर पर-स्त्री का प्रवेश होता है।

उपाय 4:
निम्न मंत्र का 42,000 जाप या प्रतिदिन 108 बार जाप करें —

“धाम धिम धूम धुर्जट पत्नी
वां वीं वुम वागधिश्वरी।
क्राम क्रीम कृम कालिका देवी
शाम शिम शुम शुभं कुरु॥”

मंत्र जाप माँ दुर्गा या काली की तस्वीर के सामने दीप-धूप व लाल पुष्प अर्पित कर करें।


पति वशीकरण

उपाय 5:
एक ताज़ा पान का पत्ता लें, उस पर चंदन व केसर लगाकर तिलक बनाएँ।
43 दिनों तक प्रतिदिन नया पत्ता प्रयोग करें।
अंतिम दिन सभी पत्तों को बहते जल में प्रवाहित कर दें।

उपाय 6:
माहवारी के समय रात्रि में पति की चोटी के कुछ बाल लेकर सुरक्षित रखें।
कुछ दिनों बाद उन्हें जलाकर पैरों से कुचलकर घर के बाहर फेंक दें।
यह उपाय पति के भ्रम को शांत करने वाला माना गया है।


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Dr. Bhargu Astrologer
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