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शनिवार, 20 जनवरी 2018

श्रीकृष्ण द्वारा वर्णित कलियुग की भविष्यवाणियाँ 1️⃣



श्रीकृष्ण द्वारा वर्णित कलियुग की भविष्यवाणियाँ

1️⃣
ततश्चानुदिनं धर्मः सत्यं शौचं क्षमा दया ।
कालेन बलिना राजन्नङ्क्ष्यत्यायुर्बलं स्मृतिः ॥

👉 कलियुग में धर्म, सत्य, पवित्रता, क्षमा, दया, स्मरण शक्ति, शारीरिक बल और मनुष्य की आयु दिन-प्रतिदिन घटती जाएगी।


2️⃣
वित्तमेव कलौ नॄणां जन्माचारगुणोदयः ।
धर्मन्यायव्यवस्थायां कारणं बलमेव हि ॥

👉 कलियुग में वही व्यक्ति गुणी माना जाएगा जिसके पास अधिक धन होगा। न्याय और कानून का आधार शक्ति और पैसा बन जाएगा।


3️⃣
दाम्पत्येऽभिरुचिर्हेतुर्मायैव व्यावहारिके ।
स्त्रीत्वे पुंस्त्वे च हि रतिर्विप्रत्वे सूत्रमेव हि ॥

👉 स्त्री-पुरुष बिना विवाह केवल रुचि के आधार पर साथ रहेंगे। व्यापार में छल होगा और ब्राह्मण केवल नाम के रह जाएंगे।


4️⃣
लिङ्गमेवाश्रमख्यातौ अन्योन्यापत्तिकारणम् ।
अवृत्त्या न्यायदौर्बल्यं पाण्डित्ये चापलं वचः ॥

👉 घूस देने वालों को न्याय मिलेगा। बिना धन वाले को न्याय के लिए भटकना पड़ेगा। स्वार्थी और चालाक लोग विद्वान कहलाएंगे।


5️⃣
क्षुत्तृड्भ्यां व्याधिभिश्चैव संतप्स्यन्ते च चिन्तया ।
त्रिंशद्विंशति वर्षाणि परमायुः कलौ नृणाम् ॥

👉 लोग चिंता, रोग और भय से घिरे रहेंगे। अंततः मनुष्य की औसत आयु 20–30 वर्ष रह जाएगी।


6️⃣
दूरे वार्ययनं तीर्थं लावण्यं केशधारणम् ।
उदरंभरता स्वार्थः सत्यत्वे धार्ष्ट्यमेव हि ॥

👉 लोग दूर-दराज़ तीर्थों में जाएंगे लेकिन माता-पिता का अपमान करेंगे। लंबे बाल सुंदरता माने जाएंगे और पेट भरने के लिए अधर्म होगा।


7️⃣
अनावृष्ट्या विनङ्क्ष्यन्ति दुर्भिक्षकरपीडिताः ।
शीतवातातपप्रावृड्हिमैरन्योन्यतः प्रजाः ॥

👉 वर्षा अनियमित होगी, कभी सूखा तो कभी बाढ़। अत्यधिक ठंड, गर्मी और प्राकृतिक आपदाएँ लोगों को कष्ट देंगी।


8️⃣
अनाढ्यतैवासाधुत्वे साधुत्वे दम्भ एव तु ।
स्वीकार एव चोद्वाहे स्नानमेव प्रसाधनम् ॥

👉 जिसके पास धन नहीं होगा उसे अधर्मी समझा जाएगा। विवाह समझौता बन जाएगा और स्नान को ही पूर्ण शुद्धि मान लिया जाएगा।


9️⃣
दाक्ष्यं कुटुंबभरणं यशोऽर्थे धर्मसेवनम् ।
एवं प्रजाभिर्दुष्टाभिराकीर्णे क्षितिमण्डले ॥

👉 लोग दिखावे के लिए धर्म करेंगे। पृथ्वी भ्रष्ट लोगों से भर जाएगी और सत्ता के लिए हिंसा होगी।


🔟
आच्छिन्नदारद्रविणा यास्यन्ति गिरिकाननम् ।
शाकमूलामिषक्षौद्र फलपुष्पाष्टिभोजनाः ॥

👉 अत्यधिक कर, सूखा और अभाव के कारण लोग घर छोड़ पहाड़ों और जंगलों में रहने को मजबूर होंगे। पत्ते, जड़ें, मांस, फल और शहद भोजन बन जाएगा।


संदेश

हमें गर्व है कि भगवान श्रीकृष्ण ने हजारों वर्ष पहले ही कलियुग का ऐसा सटीक वर्णन कर दिया,
लेकिन आज का मनुष्य जानकर भी कोई सबक नहीं ले रहा

कलियुग से बचने का एकमात्र उपाय — धर्म, सत्य और भक्ति।


आध्यात्मिक मार्गदर्शन: Dr. Bhargu Astrologer
📞 Contact / WhatsApp: 9920255211


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